घर की लाज / The pride of the house
कहने को जमाना बदल गया है, लेकिन हमारी सोच नहीं बदली। घर की इज्जत का ख्याल रखना आज भी बेटियों की ही जिम्मेदारी है। …
October 04, 2021कहने को जमाना बदल गया है, लेकिन हमारी सोच नहीं बदली। घर की इज्जत का ख्याल रखना आज भी बेटियों की ही जिम्मेदारी है। …
Broken dreams
October 04, 2021
श्यामली काकी की कला प्रदर्शनी देख आज ये विश्वास करना कठिन है कि ये सब हमारी काकी ने ही बनाई है क्या ? श्याम…
Broken dreams
October 01, 2021
सजा ये कैसी मिली हमको दिल लगाने की, कि रो रहे हैं तमन्ना थी मुस्कुराने की। किसी शायर की ये पं…
Broken dreams
September 28, 2021
सुख या दुःख किसी मापतौल से नहीं लिया या दिया जा सकता। सब भाग्य का लेखा समझकर स्वीकार करते हैं। इंसान को सुख चाहे कितना …
Broken dreams
September 24, 2021